Kumari, Ajita (2025) ज्ञान से कार्य योजना तक: जलवायु विज्ञान को टिकाऊ सामाजिक परिणामों में परिवर्तित करना From knowledge to action: Translating climate science into sustainable social outcomes. In: All India Official Language Scientific Seminar, National Institute of Ocean Technology (NIOT) Chennai, 18-19 December 2025, National Institute of Ocean Technology (NIOT) Chennai. (Submitted)
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Abstract
जलवायु परिवर्तन दुनिया भर में प्राकृतिक और मानवीय प्रणालियों को लगातार नया रूप दे रहा है, जिसके लिए न केवल वैज्ञानिक समझ की आवश्यकता है, बल्कि सामाजिक कार्रवाई के लिए ठोस रास्ते भी तलाशने होंगे। जैसे-जैसे ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता वैश्विक तापमान में वृद्धि कर रही है, पृथ्वी के सबसे बड़े जलवायु नियामक महासागरों/समुद्रों में तेज़ और अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहे हैं। ये प्रभाव बढ़ते तापमान, त्वरित अम्लीकरण, ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट और परिसंचरण पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलावों के रूप में प्रकट होते हैं। ये परिवर्तन पारिस्थितिक व्यवधानों, आर्थिक कमज़ोरियों और तटीय तथा अंतर्देशीय समुदायों के लिए बढ़ते जोखिमों का कारण बन रहे हैं।
जलवायु विज्ञान में आधुनिक प्रगति, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन पृथ्वी अवलोकन, बेहतर युग्मित महासागर-वायुमंडल मॉडलिंग और मशीन-लर्निंग-सक्षम डेटा विश्लेषण शामिल हैं, जलवायु प्रवृत्तियों का निदान करने और भविष्य के परिदृश्यों का अधिक सटीकता से अनुमान लगाने की हमारी क्षमता को बढ़ा रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, कार्बन पृथक्करण विधियों और प्रकृति-आधारित जलवायु समाधानों में समानांतर प्रगति शमन और अनुकूलन के नए रास्ते बना रही है। हालाँकि, इन नवाचारों का वास्तविक प्रभाव नीतिगत ढाँचों, सामुदायिक रणनीतियों और सतत विकास योजनाओं में उनके अनुवाद पर निर्भर करता है जो सुलभ और कार्यान्वयन योग्य दोनों हों।
यह कार्य उभरते वैज्ञानिक प्रमाणों और तकनीकी हस्तक्षेपों का संश्लेषण करता है, और जलवायु ज्ञान और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल देता है। महासागर/समुद्र विज्ञान को सामाजिक-आर्थिक समझ, जोखिम-सूचित नियोजन और समावेशी शासन के साथ एकीकृत करके, यह चर्चा इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे विज्ञान-संचालित अंतर्दृष्टि जलवायु-प्रतिरोधी अवसंरचनाओं, सूचित निर्णय-प्रक्रिया और स्थायी सामाजिक परिणामों का समर्थन कर सकती है। यह शोधपत्र इस बात पर ज़ोर देता है कि सार्थक जलवायु कार्रवाई के लिए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और समाज के बीच एक गतिशील अंतर्संबंध की आवश्यकता होती है, ज्ञान को ऐसे समाधानों में बदलना जो न्यायसंगत, मापनीय और भविष्य के लिए तैयार हों।
| Item Type: | Conference or Workshop Item (Paper) |
|---|---|
| Uncontrolled Keywords: | के लिए तैयार हों। संकेतशब्द: जलवायु परिवर्तन; समुद्र-समाज संबंध; न्यूनीकरण; अनुकूलन; नीति रूपांतरण. |
| Subjects: | Minerals and Mining |
| Divisions: | NML Chennai |
| Depositing User: | Dr. Ajita Kumari |
| Date Deposited: | 28 Apr 2026 04:48 |
| Last Modified: | 04 Sep 2026 02:50 |
| URI: | http://eprints.nmlindia.org/id/eprint/9832 |

